Reduced price! मनोविकारोंके लिए स्वसम्मोेहन उपचार (भाग २) View larger

निराशा, मनोग्रस्ति आदि मनोविकारोंके लिए स्वसम्मोहन उपचार !

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Nirasha, Manograsti aadi manovikaronke liye swasammohan upchar !

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Manovikar : swasammohan upchar !

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Compilers :परात्पर गुरु डॉ. जयंत बाळाजी आठवलेे (आन्तरराष्ट्रीय ख्यातिके सम्मोहन उपचार-विशेषज्ञ)
Number Of Pages84
ISBN Number978-93-5257-104-8

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इस ग्रन्थमें मानसिक विकारोंके लिए कारणभूत एवं साधनामें बाधा डालनेवाले स्वभावदोष एवं कुछ विकारोंका निर्मूलन कैसे करें, इसकी सैद्धान्तिक जानकारी दी गई है । इस तीसरे और इसके अगले चौथे ग्रन्थमें मानसिक विकारोंपर स्वयं उपचार कैसे करें, इसकी जानकारी दी गई है । पांचवें और छठवें ग्रन्थमें कुछ शारीरिक विकारोंपर उपचार कैसे करें, इसकी जानकारी दी गई है ।

मानसिक विकार अगले चरणका हो, तब भी रोगी स्वयंपर उपचार नहीं कर सकता । ऐसे समयपर कोई भी अभ्यासी तथा लगन रखनेवाला व्यक्ति सम्मोहन उपचारशास्त्रका अभ्यास कर रोगीपर उपचार कर सकता है ।
उपचार करना सुलभ हो, इस हेतु इस ग्रन्थमें विविध मानसिक विकारोंपर उपचार करनेके उदाहरण विस्तृतरूपमें दिए हैं । उन्हें पढकर त्यक्ष उपचार करनेके सन्दर्भमें दिशा मिलेगी ।

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