‘बालभाव’में रेखांकित चित्र (भाग १)

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बालभाव भावका एक प्रकार है । इसमें साधकका भाव बालककी भांति निर्मल रहता है । विभिन्न कृत्य करते समय स्वयंको नन्ही बालिका मानकर साथमें श्रीकृष्ण हैं, साधिकाका यह भाव इस ग्रंथमें दिए उसके चित्रोंसे प्रतीत होता है । बालभाव व्यक्त करनेवाले तथा कलात्मक दृष्टिकोणसे उत्कृष्ट चित्र देखनेवालेका भी भाव जागृत करते हैं !

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