परात्पर गुरु डॉ. आठवलेजीके ओजस्वी विचार

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सनातन प्रभात नियतकालिकों के माध्यम से प.पू. डॉ. आठवलेजी समाज, राष्ट्र एवं धर्म से सम्बन्धित ज्वलन्त विचार प्रस्तुत कर रहे हैं । इन विचारों में राष्ट्रोत्थान एवं धर्मसंस्थापना के बीज हैं ।
ये विचार राष्ट्रप्रेमियों और धर्मप्रेमियों के लिए दिशादर्शक हैं । साथ ही ये सामान्य जन्महिन्दुओं को भी जागृत करते हैं ।
समाज, भ्रष्टाचार, न्याय, प्रशासन, लोकतन्त्र आदि अनेक विषयों पर उनके विचार समाज, राष्ट्र, धर्म एवं संस्कृति के हितों की रक्षा हेतु हैं ।
इस ग्रन्थ में चयनित परात्पर गुरु डॉ. आठवलेजी के विचार सार्वकालिक हैं तथा वर्तमान समय में सर्वाधिक उपयुक्त हैं तथा हिन्दू राष्ट्र स्थापित होने हेतु कार्य करनेवालों के लिए भी ये ब्राह्मतेज और क्षात्रतेज युक्त विचार प्रेरणादायी हैं ।

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