आपातकाल सहने हेतु मानसिक एवं आध्यात्मिक स्तरकी व्यवस्था करें ! (स्वसूचना-उपचार, साधनाका महत्त्व इत्यादी)

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विश्वयुध्द, भूकम्प, भयंकर बाढ आदि के रूपमें महाभीषण आपातकाल तो अभी आया ही नहीं है । ‘महाभीषण आपातकाल आएगा’, यह नि्श्चित है, ऐसा अनेक नाडी-भविष्यवक्ताओं एवं त्रिकालदर्शी साधु-सन्तोंने बहुत पहले ही कह दिया है ।

यह भीषण आपातकाल सहने हेतु मानसिक, पारिवारिक, आर्थिक इत्यादी स्तरोंपर क्या व्यवस्था करनी है, प्रस्तुत ग्रन्थमें बताया है। आध्यात्मिक व्यवस्थाओंमें साधना करनेका महत्व असाधारण क्याें है, यह भी इस ग्रन्थसे स्पष्ट होगा ।

 

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