आपातकालमें जीवित रहने हेतु दैनिक आवश्यकताओंकी व्यवस्था करें ! (भोजन, पानी, बिजली आदि से सम्बन्धित व्यवस्था)

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विश्वयुध्द, भूकम्प, भयंकर बाढ आदि के रूपमें महाभीषण आपातकाल तो अभी आया ही नहीं है । ‘महाभीषण आपातकाल आएगा’, यह नि्श्चित है, ऐसा अनेक नाडी-भविष्यवक्ताओं एवं त्रिकालदर्शी साधु-सन्तोंने बहुत पहले ही कह दिया है ।

प्रस्तुत ग्रन्थमालाके इस प्रथम खण्डमें भोजन, पानी, बिजली आदि दैनिक आवश्यकताओं सम्बन्धी विवेचन करते समय एक ही विषयसे सम्बन्धित अनेक प्रकारकी व्यवस्थाएं बताई है।

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