विवाहसंस्कार

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‘विवाह’ कोई ‘समारोह’ नहीं; अपितु पति-पत्नीका भावी जीवन एक-दूसरेके लिए पूरक एवं सुखी होने हेतु ईश्वरका आशीर्वाद ग्रहण करवानेवाली धार्मिक विधि है !
विवाहपत्रिका कैसी होनी चाहिए, विवाहमें पवित्रता बनाए रखकर आदर्शरीतिसे कैसे संपन्न करें आदिविषयक दिशादर्शन करनेवाला ग्रंथ ! इसमें आप पढेंगे….

  • विवाह समारोहके संदर्भमें क्या टालें ?
  • विवाहके दिन कौनसी विधि एवं कृत्य करना आवश्यक है ?
  • विवाह समारोहके प्रत्येक कृत्यका अध्यात्मीकरण करना क्यों आवश्यक है ?
  • पंजीकृत (रजिस्टर्ड) विवाहकी अपेक्षा धार्मिक पद्धतिसे किया गया विवाह क्यों श्रेयस्कर है ?
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