गुरुका महत्त्व, प्रकार एवं गुरुमंत्र

120 108

Also available in: English , Marathi

इस ग्रंथ में वर्णित गुरुमहिमा पढकर जिज्ञासु एवं साधकों में गुरु के प्रति श्रद्धा निर्माण होगी । इस ग्रंथ में गुरु का महत्त्व, प्रकार तथा लक्षण के विषय में जानकारी दी गर्इ है । इसी प्रकार इसमें, ‘गुरु’, ‘सदगुरु’ तथा ‘परात्पर गुरु’ में भेद; भोंदू गुरु कैसे पहचानें; खरे गुरु के लक्षण; गुरुमंत्र के विषय में भ्रम; ‘गुरुमंत्र गुप्त रखना चाहिए’, यह क्यों कहा जाता है ? इत्यादि प्रश्नों के उत्तर भी दिए गए हैं । राष्ट्र तथा धर्म की रक्षा सिखाना, गुरुका पहला कर्तव्य कैसे है, इस विषय में भी इस ग्रंथ में बताया गया है । गुरु की आलोचना अथवा धर्म के आलोचकों के अनुचित विचार एवं उनका खंडन, यह इस ग्रंथ की प्रमुख विशेषताएं हैं ।

Index and/or Sample Pages

In stock