सात्त्विक रंगोलियां : खंड ४

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हिंदू धर्मके सर्व त्यौहार, विधियां किसी न किसी देवतासे संबंधित होती हैं । उस त्यौहारके दिन अथवा विधिके समय उस देवताका तत्त्व वातावरणमें सदैवकी तुलनामें अधिक मात्रामें होता है । यह तत्त्व और अधिक मात्रामें प्राप्त हो और उसका सभीको लाभ हो; इस हेतु वह तत्त्व आकर्षित तथा प्रक्षेपित करनेवाली रंगोलियां इस लघुग्रंथमें दी हैं ।

केवल सुंदर दिखनेवाली रंगोलियोंकी अपेक्षा देवताओंके तत्त्व प्रक्षेपित करनेवाली रंगोलियां लाभदायी होती हैं । विविध देवताओंकी उपासना हेतु; त्यौहार-उत्सव; जन्मदिन, आरती उतारना आदि प्रसंगोंमें द्वारपर तथा थालीके सर्व ओर बनाई जानेवाली रंगोलियां इस लघुग्रंथमें प्रस्तुत हैं ! इसके साथ ही इसमें आप देखेंगे…….
श्री गणपति, श्रीराम, भगवान दत्तात्रेय एवं श्री दुर्गादेवीके तत्त्वसे युक्त रंगोलिया ।

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