धर्मशिक्षा फलक (हिंदी)

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धर्माचरणका शास्त्र एवं महत्व समझनेपर वह उचित पद्धितिसे आैर भावपूर्वक होता है । इससे उचित फलप्राप्ति अधिक होती है । धर्माचरणके साथ स्वभाषा, स्वसंस्कृती एवं स्वराष्ट्र के प्रति अभिमानका पोषण करनेवाली शिक्षाप्रणालीके कारण, राष्ट्र एवं धर्म की स्थिति दृढ होती है । इसी दिशामें यह ग्रन्थ एक प्रयास है ।

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